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Global warming essay in Hindi advantages and disadvantages 500 words

Global warming essay in Hindi।

ग्लोबल वार्मिंग आज के समय में बहुत बढ़ गयी है। जैसे की हम सब जानते है की पृथ्वी पे ऑक्सीजन की कमी का सबसे बड़ा पोल्लुशण है इस आधुनिक दौर में बढ़ते पोल्लुशण के कारण कार्बन डाइऑक्साइड,मीथेन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी गैस बढ़ रही है जिसके कारण पृथ्वी का तापमान भी बढ़ रहा है और लोगो को सास लेने में परेशानियां हो रही है जिसके कारण कई लोगो को मौत का सामना भी करना पड़ा है।

ग्लोबल वार्मिंग का मतलब हम देखे तो पृथ्वी का बढ़ता घटता तापमान और मौसम में परिवर्तन का कारण भी ग्लोबल वार्मिंग का एक बहुत बड़ा कारण है। ग्लोबल वार्मिंग होने के कारण ये है।

ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ने का कारण।

  • सबसे बड़ा कारण पोल्लुशण है जिसके कारण बहुत सी नयी बीमारियाँ रोज़ लोगो के देखने में आती है जिसका सबसे बड़ा कारण पोल्लुशन है।
  • ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने में प्रकर्ति का भी कुछ हाथ है हमारे बाताबरण में उपस्थित हाउस गैस इसमें से कार्बन डाइऑक्साइड मुख्या गैस है।
  • हम अपनी ख़ुशी और अपने विकास के लिए नदियों की धाराओं को रोक रहे है जिससे पेड़ पौधे जंगल नष्ट हो जाता है।
  • पेड़ो को काटना ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देता है जब पेड़ ही नहीं रहेंगे तो लोगो को सास लेने में अधिक परेशानियां उठानी पड़ेगी इसलिए ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाइये जिससे लोगो की जान बच सके।
  • ग्लोबल वार्मिंग के कारण कई जीव जन्तु को अपनी जान भी देनी पड़ जाती है जब उन्हें उनका खाना पेड़ ही सारे नष्ट हो जाएगी तू उन्हें खाना कहा से मिलेगा इसी खोज में सारे जीव जन्तु जंगल छोड़ कर शहर की तरफ आ जाते है जिससे लोगो को भी काफी परेशानियां उठानी पड़ती है।

अगर देखा जाए तो इन् सारे कारण के जिम्मेदार मनुष्य है। पेड़ काटना जानवरो को अपनी जान देना और मनुष्य खुद को भी इतनी हानि पहुंचाता है।https://www.hindikiduniya.com/essay/global-warming-essay-in-hindi/#:~:text=%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%B2%20%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7,%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%20%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3%20%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A5%A4

इन् बढ़ती परेशानियों के रोकने के सुझाव।

  • ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए हमे सबसे पहले पेड़ों की कटाई को रोकना होगा। और हमे ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगा कर ग्लोबल वार्मिंग को कम कर सकते है।
  • हमे उन चीज़ो का उपयोग करना होगा जो हमारे लिए ज्यादा हानिकारक न हो।
  • हमे परिवार के लिए सारे साधनो की ज़रूरत पड़ती है कुछ ऐसे साधनो का इस्तेमाल न करे जो हानिकारक हो जाये।
  • ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए हमे ग्रीन हाउस गैसेस को इस्तेमाल करना रोकना होगा जिससे जल बायु में आने वाले परिवर्तन को रोका जा सके।
  • हमे लोगो को ग्लोबल वार्मिंग से होने वाली परेशानियों के बारे में बताना होगा जिससे मनुष्य भी सतर्क हो जाये और खतरनाक गैसों का इस्तेमाल न करे।

आज के समय में ग्लोबल वार्मिंग एक बड़ी प्रायवरण समस्या है जिसका हम सब सामना कर रहे है। जिसका समाधान करना बहुत ज़रूरी हो गया है। पृथ्वी के सतह पर निरंतर तथा तापमान का इतना बढ़ना ग्लोबल वार्मिंग की प्रक्रिया है। ग्लोबल वार्मिंग प्रकर्ति के संतुलन जैव विविधता तथा जल बायु परिस्तिथि को प्रभाबित करता आ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ने के कई कारण है जिसमे कुछ प्रकर्ति है और कुछ मानव है।

ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण में से एक है ग्रीन हाउस गैस जो कुछ प्राकर्तिक और मानवीय क्रियाओं से उत्पन होता है। ग्लोबल वार्मिंग के फल स्वरुप वातावरण के जलवायु में बढ़ती गर्मी का मौसम ,काम ठंड का मौसम ,बर्फ के चटानो का पिघलना ,तापमान का बढ़ना ,बिन मौसम के बरसात होना ,ओजोन परत में चेन्द्र ,भारी तूफ़ान की घटना ,सूखा बाढ़ और इसी तरीके के अनेक प्रभाव है। http://debinfo.com/wp-admin/post.php?post=420&action=edit

वैज्ञानिक इस बात से सहमत हैं कि पृथ्वी के बढ़ते तापमान लंबे समय तक गर्म कर रहे हैं और गर्मी की लहरें, अधिक लगातार सूखा, भारी वर्षा और अधिक शक्तिशाली तूफान हैं। उदाहरण के लिए, 2015 में, वैज्ञानिकों ने कहा कि कैलिफोर्निया में चल रहे सूखे – 1,200 वर्षों में राज्य की सबसे खराब पानी की कमी – ग्लोबल वार्मिंग द्वारा 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक तीव्र हो गई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में होने वाले इसी तरह के सूखे की संभावनाएं पिछली सदी में लगभग दोगुनी हो गई थीं। और 2016 में, विज्ञान, इंजीनियरिंग और मेडिसिन के राष्ट्रीय अकादमियों ने घोषणा की कि अब कुछ मौसम की घटनाओं को विश्वास में लेकर कुछ गर्मी की लहरों जैसे जलवायु परिवर्तन पर सीधे विश्वास करना संभव है।

ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को दुनिया भर में महसूस किया जा रहा है। अत्यधिक गर्मी की लहरों ने हाल के वर्षों में दुनिया भर में हजारों मौतें की हैं। और आने वाली घटनाओं के एक खतरनाक संकेत में, अंटार्कटिका 2002 के बाद से प्रति वर्ष लगभग 134 बिलियन मीट्रिक टन बर्फ खो रहा है। यदि हम अपनी वर्तमान गति से जीवाश्म ईंधन जलाते रहें तो यह दर बढ़ सकती है, कुछ विशेषज्ञों का कहना है, जिससे समुद्र का स्तर बढ़ जाता है। अगले 50 से 150 वर्षों में कई मीटर बढ़े।

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