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Essay on pollution in Hindi advantages and disadvantages in 1000 words

Essay on pollution in Hindi.

आज के टाइम में पॉलुशन एक बहुत बड़ी समस्या बन गया है। आज कल लोग सफाई एवं चीज़ो पर ध्यान नहीं देते है । पोल्लुशण आज के टाइम के बहुत बड़ी समस्या बन चूका है। पोलुशन से इतनी बीमारियां होती है जिसके कारण लोगो की मौत तक हो जाती है.पोल्लुशण के बाजरे में ज्यादा से ज्यादा लोगोको बताओये जिसकेलियेवोभी सतर्क रहे और ज्यादा परेशानियां न उठानी पड़ी. पोल्लुशण बहुत प्रकर के होते है उनमे से कुछ या है जो सबसे ज्यादा हानि पहुंचते है एयर पोल्लुशण,अटेर पोल्लुशण ,नॉइज़ पोल्लुशण,साइल पोल्लुशण,प्लास्टिक पोल्लुशण ,लाइट पोल्लुशण अदि.।

Essay on pollution in Hindi.

पोल्लुशण किसी की भी फॉर्म में हो सकता है हम कह सकते है की वो फोग , धुंद ,ज्यादा कोहरा,आदि। पोल्लुशण तब शुरू हुआ था जब एक आदमी ने फारेस्ट में आग लगाई थी। और आज पोल्लुशण इतना फेल गया है की लोग उस पर ध्यान देने की वजह उससे बड़ा रहे है। अभी एक मिशन भी लांच हुआ था स्वच्छ भारत मिशन जो की नरेंद्र मोदी जी ने लागू किया था जिससे पोल्लुशण को कम कर सके। https://hindi-essay.com/essay-on-pollution-in-hindi-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7/#:~:text=%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%81%20%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%A3%20(air%20pollution%20essay%20in%20hindi)&text=%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%A8%20%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A5%87%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0,%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%20%E0%A4%A4%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%20%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%88%20%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A4%BE%20%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A5%A4

कितने टाइप्स के पललुशन होते है।

  • एयर पोल्लुशण-एयर पोल्लुशण बहुत साडी गैसेस का मिक्सचर होता है। एयर पॉलूशन्स से बहुत साडी सास की समस्याएं हो सकती है एयर पोल्लुशण सबसे ज्यादा जो गैसेस फैक्ट्रीज एवं इंडस्ट्रीज मी से निकता हुआ धुआँ सबसे ज्यादा एयर पोल्लुशण का कारन है। एयर पोलुशन से बहुत साडी बीमारियां जैसे की हार्ट अटैक अस्थमा अदि की परेशनियां हो सकती है।
  • वाटर पोल्लुशन -वाटर पोल्लुशण को सबसे ज्यादा बढ़ाबा हम लोगो ने ही दिया है वाटर में गंदिगी चलने वाले एक तो पानी के अंदर रहने वाले जीव और दूसरा हम्मलोंग जब किसी भी नदी में देखे तो लग कपडे धोते है और वही पानी रिवर्स और लेक में से होकर हमारे घरो में आता है। ये एक बहुत बड़ी समस्या है जिसकी वजह से लोगो को बहुत परेशानी होती है। http://debinfo.com/wp-admin/post.php?post=901&action=edit

वाटर पोल्लुशण से सबसे ज्यादा बीमारियां होती है सबसे ज्यादा फंगल नाम की बीमारी आज कल सबसे जयदा हो रही है जिसका मैं कारन वाटर पोल्लुशण है। वाटर पोल्लुशण से बहुत साडी पैट की समयए भी हो सकती है इसलिए अपने लसलिये अपने घर में जो भी पानी आ रहा है उसको साफ करने के एक्वा गार्ड या कोई भी पूरिफिएर का इस्तेमाल करे जिससे आपको कोई परेशानिया न उठानी पड़े.

  • साइल पोल्लुशण-मृदा प्रदूषण को लगातार विषाक्त यौगिकों, रसायनों, लवण, रेडियोधर्मी सामग्री, या रोग पैदा करने वाले एजेंटों की मिट्टी में बिल्डअप के रूप में परिभाषित किया गया है, जो पौधे के विकास और पशु स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। मिट्टी कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थों की पतली परत है, जो पृथ्वी की चट्टानी सतह को कवर करती है। कार्बनिक भाग, जो पौधों और जानवरों के क्षय किए गए अवशेषों से प्राप्त होता है, गहरे ऊपरवाले के ऊपरी भाग में केंद्रित होता है। बेडकॉक के भौतिक और रासायनिक अपक्षय द्वारा हजारों वर्षों में खंड के टुकड़ों से बने अकार्बनिक भाग का गठन किया गया था। कृषि को पर्याप्त भोजन के साथ दुनिया को आपूर्ति करने के लिए उत्पादक मिट्टी आवश्यक है। कई अलग-अलग तरीके हैं जो मिट्टी को प्रदूषित कर सकते हैं, जैसे कि एक लैंडफिल से रिसना, मिट्टी में औद्योगिक अपशिष्ट का निर्वहन, मिट्टी में दूषित पानी का रिसाव, भूमिगत भंडारण टैंकों का टूटना, कीटनाशक, जड़ी-बूटियों या उर्वरक का अतिरिक्त। उपकरण, और ठोस आकार मृदा प्रदूषण पैदा करने में शामिल सबसे आम रसायन पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन, भारी धातु, कीटनाशक और सल्ल्वैंट्स हैं।http://debinfo.com/wp-admin/post.php?post=895&action=edit
  • नॉइज़ पोल्लुशण-नॉइज़ पोल्लुशण आज के टाइम में सबसे ज्यादा बढ़ रहा है जिसे कारन लोगो को बहुत परेशानियां उठानी पड़ती है जयदा शोर लोग भेरे एवं डिप्रेशन में भी जा सकते है। इसलिए रात में १० बजे के बाद तेज आवाज़ में पार्टीज मेमोसिस को चलना मना क्र दिया गया है।
  • प्लास्टिक पोलुशन-प्लास्टिक पोल्लुशण एक बहुत खतरनाक होता है जिससे अब तक कितने जानवरो की मोत भी हो गयी है। प्लाटिक पोल्लुशण अब बन हो गया है इसलिए अब लोग प्लास्टिक की पॉयथन की जगह जुटे बैग्स का ज्यादा इस्तेमाल करे क्युकी प्लास्टिक में से जो लीड निकलता है जो बहुत हानिकारक होता है जिससे कई लोगो की जान भी चली गयी है। प्लास्टिक पोल्लुशण को सबसे ज्यादा बढ़ावा इंडिया में दिया गया है जिससे सबसे ज्यादा जानवरो की कमी का कारन भी हो गया है।
  • लाइट पोल्लुश-प्रकाश प्रदूषण, जिसे फोटो प्रदूषण भी कहा जाता है, रात के वातावरण में मानवजनित और कृत्रिम प्रकाश की उपस्थिति है। यह अत्यधिक, गलत तरीके से या प्रकाश के अप्रचलित उपयोग द्वारा विकसित किया गया है, लेकिन यहां तक कि सावधानीपूर्वक प्रकाश मौलिक रूप से प्राकृतिक स्थितियों का उपयोग किया जाता है। शहरीकरण के एक प्रमुख दुष्परिणाम के रूप में, यह स्वास्थ्य से समझौता करने, पारिस्थितिक तंत्र को बाधित करने और सौंदर्य वातावरण को खराब करने के लिए दोषी ठहराया जाता है।

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