essay on child labour in Hindi

बाल मजदूरी के बारे में।

बाल मजदूरी आज के समय में बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। आज भी बाल मजदूरी बढ़ती जा रही है जिसके कारण बच्चो को बहुत सी परेशानियां उठानी पड़ती है। जो उम्र बचो के खेलने एवं पड़ने की होती है उस उम्र में बच्चो को सड़क के किनारे भीख माँगने के लिए बेठा देते है। पुरे दिन में जो भी पैसे वो कमाते है उनसे छीनकर खुद ले लेते है और न ही उन्हें खाने को देते है। आज के समय बाल मजदूरी कम होने की वजह और बढ़ती जा रही है जिससे सारी परेशानी बचो को उठानी पड़ती है। कुछ बच्चे स्कूल के भर खड़े हो कर देखते है जो कुछ सोचते है की काश हमे भी पड़ने को मिलता। बाल मजदूरी आज बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है जो की बच्चू को बहुत नुकसान पंहुचा रही है। हमारे देश में आज़ादी के इतने सालो बाद भी हम बच्चों को शिक्षा नहीं दे पा रहे है आज भी बाल मजदूरी काम नहीं है बल्कि देखा जाये तो पहले के समय से और अधिक बड्ड गयी है। हमे इसके खिलाफ कुछ seminars भी लगानी चाहिए जिससे इसके बारे में और बच्चों को पता लगे और वो इससे रोकने की कोशिश कर सके।

सभी बच्चों के लिए बचपन एक सुनहरा सपना होता है जिससे वो खुल के जी सकते है लेकिन बाल मजदूरी ने उन् हाथो में खिलोने की जगह कटोरा दिया है जिसके कारण नहीं तो वे स्कूल जा सकते है न ही उन्हें पुरे दिन में कुछ अच्छा तो छोड़ ही दीजिये कुछ भी नहीं मिलता है खाने के लिए जिससे बे बहुत परेशानियां और कई बार को सड़क पर घायल भी हो जाते है फिर उन्हें उनके माता पिता जबरजस्ती कर कर उन्हें कुए में धकेल देते है। जो बचपन चंद पैसे के लिए उनके माता पिता गरीबी में धकेल देते है जिसके कारण उन्हें पूरी ज़िन्दगी गरीबी का सामना करना पड़ता है।

बाल मजदूरी के बड़ते कारण।

बाल मजदूरी बहुत बड़ गयी है हमारी और सरकार की लापरवाही की वजह से अब हमे इसके खिलाफ कुछ सख्त कदम लेना होगा जिससे हम्म बाल मजदूरी को ख़तम कर पाए। बाल मजदूरी को दूर करने के लिए हमे बचो के लिए एक organisation बनानी चाहिए जिससे वह सरे इखट्टे होकर पड़ सके और अपना जीवन खुशाल पूर्वक होकर वह काट सके और अगर उन्हें फिर बड़े होकर नौकरी भी मिले तो वो आराम से कर ले और अपने लिए पैसा कमा सकते है। अगर आज हम्म कोई कदम नहीं आगे बढाएगे तो कोई भी इस समस्या के खिलाफ नहीं आवाज़ उठाएगा। बाल मजदूरी से बच्चो को अपनी ज़िन्दगी में जो सपने देखे होते है वो सरे भी चकना चूर हो जाते है। हमे उनके सपनो को और उन्हें भी बढ़ावा देना चाहिए की वो बड़े होकर कुछ बन सके अपने लिए कुछ अच्छा कर सके।

हमे बाल मजदूरी को काम करने के लिए सरकार के सारे आदेशो का पालन करना होगा। हमारे देश में बाल मजदूरी बहुत बड़ गयी है बच्चे ही हमारे देश का भविष्य है अगर उन्ही का बचपन अंधेरे में और बाल मजदूरी में बीतेगा तो हम एक सुन्दर भारत की कल्पना कैसे कर सकते है। अगर हमे एक नए भारत का निर्माण करना है तो हमे बाल मजदूरी को जड़ से खतम करना होगा यह सिर्फ हमारे और सर्कार की मदद से हो सकता है।

प्रस्तावना।

बाल मजदूरी एक बच्चे के बचपन का सबसे भयवित दिन होता है। हमारे देश का दुर्भाग्य है की आज भी मकड़ी के जाल की तरह छोटे छोटे बच्चों को बाल मजदूरी में घसीट रहा है।भारत में बच्चों को भगवन स्वरुप माना जाता है अगर भगवन ही खुश नहीं रहेंगे तो बच्चू का जीवन कैसे बनेगा सुन्दर और सफल हमे बच्चों के भविष्य के लिए बाल मजदूरी को रोकना होगा। बच्चू को अच्छी शिक्षा प्राप्त करा कर उनका जीवन सुंदर बनाना होगा।

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